देहरादून/हरिद्वार: इस्तीफे के बाद चर्चाओं में आईं उत्तराखंड कैडर की IPS अधिकारी रचिता जुयाल को अब एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार ने उन्हें हरिद्वार भूमि घोटाले की जांच कर रही विजिलेंस टीम का लीडर नियुक्त किया है। गृह सचिव शैलेश बगौली द्वारा जारी आदेश के बाद, पांच सदस्यीय विजिलेंस टीम का गठन किया गया, जिसकी कमान अब रचिता जुयाल के हाथ में होगी।
घोटाले पर सरकार का सख्त रुख
हरिद्वार के ग्राम सराय में नगर निगम द्वारा कथित रूप से नियमों की अनदेखी कर 2.3 हेक्टेयर अनुपयुक्त भूमि करोड़ों रुपये में खरीदी गई थी। इस मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए हरिद्वार जिलाधिकारी समेत 12 अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद विस्तृत जांच के लिए विजिलेंस को जिम्मा सौंपा गया।
इस्तीफे के बीच मिली बड़ी जिम्मेदारी
गौरतलब है कि हाल ही में 2015 बैच की IPS अधिकारी रचिता जुयाल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए सेवा से इस्तीफा दिया था। हालांकि, सरकार ने अब तक उनके इस्तीफे को मंजूरी नहीं दी है। इसी बीच, राज्य सरकार ने उन्हें हरिद्वार भूमि घोटाले की जांच टीम का नेतृत्व सौंपकर यह संदेश भी दिया है कि प्रशासनिक ईमानदारी और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जा रही है।
जांच रिपोर्ट में उजागर हुई अनियमितताएं
इस जमीन खरीद में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और न ही कोई तत्कालिक आवश्यकता थी। सचिव रणवीर सिंह चौहान की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में निगम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्मिक विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके तहत अब तक सात आरोपित अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
