राजाजी टाइगर रिजर्व को पर्यटकों के लिए सीजनल बंद कर दिया गया है। अब यह वन्यजीव प्रेमियों के लिए 15 नवंबर 2025 को दोबारा खोला जाएगा। इस बार सफारी सीजन के दौरान रिकॉर्ड 51,500 पर्यटकों ने पार्क का रुख किया, जिससे पार्क प्रशासन को अब तक की सबसे अधिक आय—1.23 करोड़ रुपये—की प्राप्ति हुई।
प्राकृतिक विविधता और बाघों की मौजूदगी के कारण मशहूर राजाजी टाइगर रिजर्व हर साल 15 नवंबर से 15 जून तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है। मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों, उफनती बरसाती नदियों और जंगल में घनी झाड़ियों के उग आने के चलते इसे बंद किया जाता है।
पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 5,000 अधिक पर्यटक सफारी का आनंद लेने पहुंचे। पार्क में कुल 14,500 जिप्सियों के ज़रिए भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया—जिनमें 49,500 भारतीय और 2,000 विदेशी सैलानी शामिल रहे।
पार्क के विभिन्न गेट्स से प्राप्त राजस्व में भी इस बार उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली:
- रानीपुर गेट (हरिद्वार रेंज): पिछले वर्ष ₹9.58 लाख → इस बार ₹17.36 लाख
- चिल्लावाली गेट: ₹24.90 लाख → ₹35.27 लाख
- चीला गेट: ₹53.20 लाख
- मोतीचूर गेट: ₹17.13 लाख
राजाजी पार्क प्रशासन का कहना है कि इस सीजन में पर्यटकों की सक्रिय भागीदारी और राजस्व में हुई बढ़ोतरी उन्हें आगामी सीजन के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में प्रेरित करेगी।
