बीटल्स की कहानी बड़े पर्दे पर, ऋषिकेश में शूटिंग करेंगे ऑस्कर विजेता सैम मेंडेस..

बीटल्स की कहानी बड़े पर्दे पर, ऋषिकेश में शूटिंग करेंगे ऑस्कर विजेता सैम मेंडेस..

 

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान और ऐतिहासिक धरोहर चौरासी कुटिया आश्रम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने जा रहा है। मशहूर ब्रिटिश रॉक बैंड ‘द बीटल्स’ की जिंदगी और संगीत के सफर पर आधारित फिल्म श्रृंखला की शूटिंग फरवरी 2027 में ऋषिकेश में प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर फिल्म की योजना और शूटिंग से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा की। ‘द बीटल्स – ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट’ नाम से तैयार हो रही इस परियोजना का निर्देशन ऑस्कर विजेता फिल्मकार सर सैम मेंडेस करेंगे। इसके तहत बैंड के चार सदस्यों जॉन लेनन, पॉल मैककार्टनी, जॉर्ज हैरिसन और रिंगो स्टार के जीवन पर आधारित चार अलग-अलग फिल्में बनाई जाएंगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट, नील स्ट्रीट प्रोडक्शंस और एप्पल कॉर्प्स की भागीदारी है। फिल्मों को अप्रैल 2028 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है।

बीटल्स की यादों से जुड़ा है ऋषिकेश का आश्रम
ऋषिकेश स्थित चौरासी कुटिया का नाम संगीत इतिहास के एक खास दौर से जुड़ा है। वर्ष 1968 में बीटल्स के चारों सदस्य महर्षि महेश योगी से भावातीत ध्यान सीखने के लिए यहां पहुंचे थे। गंगा तट और हिमालय की शांत वादियों में बिताए गए समय ने उनके संगीत और रचनात्मकता को प्रभावित किया। इस दौरान तैयार हुई कई रचनाएं बाद में बैंड के चर्चित ‘व्हाइट एल्बम’ से जुड़ीं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, बीटल्स और ऋषिकेश के ऐतिहासिक संबंध पर अंतरराष्ट्रीय फिल्म बनने से उत्तराखंड की योग, ध्यान और आध्यात्मिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य की वैश्विक पहचान को भी नई मजबूती मिल सकती है।

101 करोड़ रुपये से संवारा जा रहा बीटल्स आश्रम
फिल्म की शूटिंग से पहले चौरासी कुटिया परिसर के पुनर्विकास की योजना भी महत्वपूर्ण है। जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड सरकार और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन करीब 101 करोड़ रुपये की लागत से आश्रम का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण करा रहे हैं। परियोजना का उद्देश्य इस ऐतिहासिक स्थल को बेहतर पर्यटन सुविधाओं के साथ विकसित करना है। आश्रम को फरवरी 2027 तक पर्यटकों के लिए दोबारा खोलने की तैयारी बताई जा रही है। इसी अवधि में फिल्म की शूटिंग प्रस्तावित होने से इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

ऋषिकेश में फिल्म की शूटिंग होने से पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की संभावना है। परियोजना से जुड़े अनुमान के मुताबिक, शूटिंग के दौरान 100 से अधिक विदेशी और करीब 150 भारतीय क्रू सदस्य यहां काम करेंगे। इससे स्थानीय तकनीशियनों, कलाकारों और अन्य कामगारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। फिल्म निर्माण की गतिविधियों से होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। फिल्म रिलीज होने के बाद बीटल्स के प्रशंसकों और विदेशी पर्यटकों के बीच ऋषिकेश के आकर्षण में बढ़ोतरी हो सकती है। भारत में शूटिंग के समन्वय की जिम्मेदारी ‘ऑन द रोड इंडिया’ संभाल रही है।

फिल्म निर्माण के लिए उत्तराखंड पर बढ़ रहा जोर
सीएम धामी ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और विविध लोकेशन के कारण उत्तराखंड फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षक स्थान बन रहा है। राज्य सरकार की फिल्म नीति-2024 के तहत फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने और निर्माताओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है। सीएम से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में बाफ्टा नामांकित ब्रिटिश निर्माता एलेक्जेंड्रा डर्बीशायर, भारतीय निर्माता दिलीप सिंह राठौर और सुपरवाइजिंग लोकेशन मैनेजर एम्मा पिल शामिल थे। फरवरी 2027 में प्रस्तावित शूटिंग से ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही, चौरासी कुटिया के पुनर्विकास और फिल्म परियोजना का मेल उत्तराखंड में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने का अवसर बन सकता है।