चारधाम यात्रा- मार्च से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, पहले चरण में सिर्फ ऑनलाइन पंजीकरण..

चारधाम यात्रा- मार्च से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, पहले चरण में सिर्फ ऑनलाइन पंजीकरण..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासन और विभिन्न विभागों ने यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की तारीख भी तय कर दी गई है।गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 6 मार्च से शुरू की जाएगी। शुरुआत में यात्रियों को केवल ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा शुरू होने के बाद परिस्थितियों को देखते हुए ऑफलाइन पंजीकरण व्यवस्था भी लागू की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा पंजीकरण पर शुल्क लगाने का एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन इस पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं से किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रशासन के इस फैसले को यात्रियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

चारधाम यात्रा के कार्यक्रम की बात करें तो केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरानुसार अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को पड़ रही है, हालांकि इन दोनों धामों के कपाट खुलने की आधिकारिक घोषणा अभी की जानी बाकी है। चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकों का दौर जारी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तैयारियों की समीक्षा की जा चुकी है। यात्रा मार्गों को बेहतर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पर्यटन विभाग भी यात्रा प्रबंधन को लेकर सक्रिय है। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने भी पुष्टि की है कि पंजीकरण प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और तकनीकी रूप से बेहतर बनाया जाए, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।