आवंटन नीति के खिलाफ मोर्चा, केदारनाथ मार्ग पर व्यापारियों का अनिश्चितकालीन अनशन..

आवंटन नीति के खिलाफ मोर्चा, केदारनाथ मार्ग पर व्यापारियों का अनिश्चितकालीन अनशन..

 

 

 

उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कच्ची दुकानों के आवंटन को लेकर स्थानीय व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग से जुड़े व्यापारियों ने प्रशासन के फैसले के खिलाफ तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अनशन में बड़ी संख्या में केदारनाथ यात्रा से जुड़े व्यापारी शामिल हो गए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि पूर्व में उन्हें आश्वासन दिया गया था कि वे आगामी वर्षों तक अपनी दुकानों का संचालन पूर्ववत कर सकेंगे, लेकिन अब प्रशासन द्वारा कच्ची दुकानों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे स्थानीय व्यापारियों में असंतोष बढ़ गया है और वे इसे अपने अधिकारों के खिलाफ मान रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना है कि कच्ची दुकानें ही उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन हैं। यदि नई व्यवस्था के तहत उन्हें दुकानें नहीं मिलती हैं, तो उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक निविदा प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। आंदोलन को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और व्यापारी संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। कई स्थानीय नेताओं ने अनशन स्थल पर पहुंचकर व्यापारियों की मांगों को उचित बताते हुए प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

व्यापारियों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की है। अनशन के पहले दिन ही कई व्यापारी इसमें शामिल हुए और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। मौके पर बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जो इस आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह एक ऐसा समाधान निकाले जिससे स्थानीय व्यापारियों के हित सुरक्षित रह सकें और यात्रा व्यवस्थाएं भी प्रभावित न हों।