उत्तराखंड में शिक्षा का बड़ा बदलाव, 50 स्विफ्ट स्कूल, छात्रों को मिलेंगे 1000 लैपटॉप..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेशभर में 50 सरकारी स्कूलों को विकसित कर ‘स्विफ्ट स्कूल’ के रूप में तैयार किया जाएगा, जो शिक्षा के एक नए एकीकृत मॉडल को दर्शाएंगे। इन स्कूलों में पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधन और व्यक्तिगत शिक्षण प्रणाली का समावेश किया जाएगा। इस पहल के तहत पौड़ी और चंपावत जिलों में 19-19 विद्यालयों का चयन किया गया है, जबकि देहरादून और हरिद्वार जिलों में छह-छह स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। चयनित विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड कर स्मार्ट और तकनीक-सक्षम शिक्षण केंद्रों में बदला जाएगा।
राज्य सरकार का यह कदम नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, लचीला और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी उद्देश्य से समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत काॅन्वजीनियस फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है, जिसके जरिए इस परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा। स्विफ्ट स्कूल मॉडल की खास बात यह है कि इसमें छात्रों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई कराई जाएगी। कक्षाओं में डिजिटल उपकरणों का उपयोग होगा, शिक्षकों को डेटा आधारित सहायता मिलेगी और विद्यार्थियों की प्रगति का नियमित विश्लेषण किया जाएगा। इससे पढ़ाई को अधिक इंटरएक्टिव और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस योजना को मजबूत आधार देने के लिए कॉन्वजीनियस फाउंडेशन द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत सहयोग भी दिया जा रहा है। अमेजन वेब सर्विसेज के सहयोग से प्रदेश के छात्र-छात्राओं को 1000 लैपटॉप वितरित किए जाएंगे, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और स्विफ्ट स्कूलों के संचालन में मदद मिलेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को आधुनिक शिक्षा के अनुरूप संसाधन मिल सकेंगे। आने वाले समय में यह मॉडल प्रदेश के अन्य विद्यालयों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जिससे उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
