ऊंचाई और कम ऑक्सीजन पड़ रही भारी, बद्रीनाथ धाम में अब तक 40 श्रद्धालुओं की मौत..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के सामने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। समुद्र तल से अधिक ऊंचाई पर स्थित धाम में ऑक्सीजन का स्तर अपेक्षाकृत कम होने और मौसम में तेजी से बदलाव के कारण कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ रही है। विशेष रूप से बुजुर्गों, पहले से बीमार लोगों और उच्च रक्तचाप से पीड़ित श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी, बीपी असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार यात्रा सीजन शुरू होने के बाद से अब तक बद्रीनाथ धाम स्थित सरकारी अस्पताल, मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) केंद्रों और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से 7,050 से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता और उपचार प्रदान किया जा चुका है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचने के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझते हुए अस्पतालों और चिकित्सा शिविरों का रुख कर रहे हैं।
स्वास्थ्य जांच से बच रहे कई यात्री..
यात्रा मार्ग पर पांडुकेश्वर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्क्रीनिंग केंद्र स्थापित किया गया है, जहां धाम पहुंचने से पहले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जाती है। हालांकि यात्रा के पहले माह में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं, लेकिन स्क्रीनिंग केंद्र पर अब तक केवल लगभग 54 हजार यात्रियों की ही जांच हो पाई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि बड़ी संख्या में यात्री स्वास्थ्य परीक्षण कराए बिना सीधे धाम की ओर बढ़ रहे हैं। इसके चलते ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचते ही उन्हें अचानक स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विभाग के अनुसार अब तक 54,007 श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें 2,891 यात्री 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यात्रा में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की जांच करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। ऐसे में बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से ग्रसित और जोखिम वाले यात्रियों को प्राथमिकता देते हुए उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे धाम की यात्रा से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं और चिकित्सकीय सलाह का पालन करें। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बद्रीनाथ धाम और गौचर से बद्रीनाथ तक के यात्रा मार्ग, जिसे आस्था पथ के नाम से भी जाना जाता है, पर स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण अब तक 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा छह गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए हेलिकॉप्टर की सहायता से उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्री स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण दिशानिर्देश, सावधानियां और यात्रा के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सलाह प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे पर्याप्त आराम, संतुलित आहार, नियमित दवाइयों का सेवन और स्वास्थ्य जांच जैसी सावधानियों का पालन करें, ताकि चारधाम यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।
