हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर का पहला बड़ा कदम, 235 करोड़ की विकास योजनाओं का आज शिलान्यास..
उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना अब जमीन पर तेजी से आगे बढ़ने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को हरिद्वार पहुंचकर करीब 235 करोड़ रुपये की लागत वाली चार प्रमुख विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, गंगा तटों का सौंदर्यीकरण करना तथा धार्मिक नगरी के आधारभूत ढांचे को आधुनिक स्वरूप देना है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड के माध्यम से संचालित इस परियोजना को हरिद्वार के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। गंगा कॉरिडोर के प्रथम चरण में जिन कार्यों की शुरुआत की जा रही है, उनमें घाटों का पुनरुद्धार, नए आधारभूत ढांचे का निर्माण, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
परियोजना के तहत लगभग 43.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग का विकास किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा। इसके अलावा 66.75 करोड़ रुपये से विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी तथा सुभाष घाट का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने के बाद घाटों की संरचना अधिक व्यवस्थित होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसी क्रम में 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना का विकास किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न नागरिक सुविधाओं का विस्तार, सार्वजनिक स्थानों का उन्नयन तथा क्षेत्र को आधुनिक स्वरूप देने का कार्य किया जाएगा। वहीं 58.34 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का व्यापक पुनरुद्धार किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक आयोजनों, पर्यटन और स्थानीय गतिविधियों के लिए अधिक सुविधाजनक बन सकेगा।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार में तीर्थयात्रियों को पहले से बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और अर्थव्यवस्था को सकारात्मक लाभ मिलने की उम्मीद है। हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना को राज्य सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य धार्मिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास करना है, ताकि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके। सीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। शिलान्यास के साथ ही इन चारों परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ होने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
