उत्तराखंड में SIR की शुरुआत, मतदाताओं तक घर-घर पहुंचेंगे गणना फॉर्म..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान रविवार से शुरू हो गया है। अभियान के तहत प्रदेशभर में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित करेंगे और उनसे आवश्यक जानकारियां एकत्र करेंगे। निर्वाचन आयोग ने इस अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और राज्य के सभी 11,733 बीएलओ को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सही जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जा सके। अभियान के दौरान प्राप्त होने वाले गणना फॉर्मों को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटाइज किया जाएगा और यह प्रक्रिया 7 जुलाई तक जारी रहेगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने “बुक ए कॉल” सुविधा भी शुरू की है, जिसके माध्यम से वे अपने क्षेत्र के बीएलओ से सीधे संपर्क कर सकेंगे।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार जिन मतदाताओं का विवरण उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता या वर्ष 2003 की मतदाता सूची के डाटाबेस से उनका डेटा सत्यापित नहीं हो पाता है, उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया जा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को अपनी नागरिकता और जन्म संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों की मांग जन्म तिथि के आधार पर निर्धारित की गई है। एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाताओं को केवल अपना जन्म स्थान और जन्म तिथि प्रमाणित करने वाला दस्तावेज देना होगा। वहीं एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपने साथ माता या पिता में से किसी एक के जन्म संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं के अलावा माता और पिता दोनों के जन्म स्थान और जन्म तिथि से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नागरिक नहीं है तो उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की प्रति भी उपलब्ध करानी होगी। निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में सभी पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
